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राहुल का EC को जवाब, नहीं तोड़ी आचार संहिता

rahul in delhiनई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज (शुक्रवार को) आईएसआई वाले बयान पर चुनाव आयोग को जवाब दे दिया है। सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से अपने जवाब में कहा, आचार संहिता के उल्लंधन की मंशा नहीं थी, जो तथ्य मेरे सामने आया वही बोला। चुनाव आयोग को जवाब देने की उनकी यह अंतिम तारीख थी। चुनाव आयोग ने राहुल को यह नोटिस उनके आईएसआई वाले बयान पर भाजपा की शिकायत के बाद भेजा था। इससे पहले चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आचार संहिता उल्लंघन के नोटिस का जवाब देने के लिए राहुल गांधी ने अपनी पहले से तय यात्रा प्रतिबद्धताओं और त्योहारों के चलते अवकाशों का हवाला देते हुए 4 तारीख को एक हफ्ते का और समय मांगा था। राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत को भेजे पत्र में कहा था कि वह जवाब देने के लिए कुछ और समय चाहते हैं, क्योंकि त्योहारों के कारण छुट्टियां हैं लेकिन कोर्ट उन्हें चार दिन का समय दिया था।

राहुल को चुनाव आयोग ने उनकी उस टिप्पणी के संबंध में नोटिस जारी किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों के संपर्क में है और भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह घृणा की राजनीति में शामिल है।

आयोग ने राहुल द्वारा 23 अक्टूबर को राजस्थान के चुरू में तथा 24 अक्टूबर को मध्यप्रदेश के इंदौर में दिए गए भाषणों की जांच करने और निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष से सोमवार तक इस बारे में अपना जवाब देने को कहा था कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रथम दृष्टया उल्लंघन को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए। चुनाव आयोग ने कहा था कि तय अवधि के भीतर अगर जवाब नहीं मिला तो यह माना जाएगा कि राहुल के पास जवाब में कहने के लिए कुछ नहीं है और ऐसे में आयोग आगे बिना किसी उल्लेख के उचित कार्रवाई आरंभ करेगा।

भाजपा ने चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत की थी कि कांग्रेस उपाध्यक्ष सांप्रदायिक आधार पर वोट की अपील करके और विभिन्न समुदायों के बीच घृणा पैदा कर आचार संहिता का कथित रूप से उल्लंघन कर रहे हैं। भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस सम्पत को इस संदर्भ में ज्ञापन सौंपा था। जिसमें मांग की गई थी कि कांग्रेस को राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर दी गई मान्यता को वापस लिया जाए और राहुल के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की जाए। इंदौर में अपने भाषण के दौरान राहुल ने दावा किया था कि पाकिस्तान में खुफिया एजेंसियां मुजफ्फरनगर के कुछ दंगा पीड़ितों से संपर्क कर रही हैं।

राजस्थान के चुरू और अलवर में भाजपा पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि उसकी ‘क्रोध और घृणा की राजनीति’ सांप्रदायिक तनाव भड़का रही है और देश के धर्मनिरपेक्ष ताने बाने को नुकसान पहुंचा रही है। चुनाव आयोग ने राहुल को उनकी उस टिप्पणी के संबंध में नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों के संपर्क में है और भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह घृणा की राजनीति में शामिल है।

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