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JDU का मतलब है ‘जनता का दमन और उत्पीड़न’ – मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाया है कि वो केंद्र की विकास की कोशिशों को राज्य में नहीं पहुंचने देते हैं.

रविवार को बिहार के गया में एक चुनावी रैली में उन्होंने ये बात कही.

पीएम ने कहा कि इतने सालों से बिहार में जंगलराज है और ये चुनाव बिहार को इस जंगलराज से मुक्त कराएगा. पीएम ने कहा कि कुछ लोगों ने सत्ता के नशे में बिहार को बर्बाद कर दिया है।

modi rally in gaya

उन्होंने कहा कि ये चुनाव बिहार का जीवन बदलेगा. बिहार के विकास के लिए जरूरी है ऐसी सरकार भी यहां हो. उन्होंने कहा कि दिल्ली में विकास की गंगा तो बह रही है, लेकिन कुछ लोग यहां ऐसे बैठे हैं जिसके वजह से विकास की गंगा यहां नहीं पहुंचती.

मोदी ने कहा, “गंगाजी तो बहती है, लेकिन अगर हम उल्टा लोटा लेकर जाएंगे तो कोई बूंद लेकर नहीं आएंगे.”

उन्होंने कहा कि दिल्ली की सरकार विकास की गंगा बहाना चाहती है, लेकिन वो विकास राज्य तक नहीं पहुंच रहा है.

बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और मुख्य मुक़ाबला भाजपा गठबंधन और जेडीयू-आरेजेडी गठबंधन के बीच है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी मुखिया लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि बिहार की जनता ने परिवर्तन का फैसला कर लिया है.

उन पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “25 साल से जिनको झेला है, जिनके हर ज़ुल्म को झेला है, जिनके अहंकार को झेला है, जिनकी धोखाधड़ी को झेला है, इन सबसे मुक्ति का पर्व ये चुनाव आने वाला है.”

उन्होंने लोगों से कहा कि ‘जंगलराज’ को फिर से वापस न आने दें.

मोदी ने आरेजेडी को ‘रोज़ जंगलराज का डर’ कहा जबकि जेडीयू को उन्होंने ‘जनता का दमन उत्पीड़न’ नाम दिया.

मोदी ने कहा, अब जंगल राज के साथ जेल का अनुभव भी जुड़ गया है.

पीएम ने बिना नाम लिए लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए गठबंधन करके बैठे है. मोदी ने लोगों से पूछा कि चुनाव के वक्त जो जहर पिया गया है उसे चुनाव के बाद बाहर निकालेंगे तो जनता ही बर्बाद होगी. पीएम ने कहा कि जहर पीने और पिलाने वालों की जरुरत है क्या है. पता ही नहीं चल रहा कि कौन भुजंग प्रसाद है और कौन चंदन कुमार.’

पीएम का इशारा नीतीश कुमार के उस बयान की ओर था, जिसमें उन्होंने कहा था कि चंदन विष व्यापत नहीं, लिपटत रहत भुजंग. लालू जैसे साथियों के साथ बिहार में वापस से विकास का दौर कैसे लाएंगे, इस सवाल के जवाब में नीतीश कुमार ने यह बयान दिया था. बाद में उन्होंने इस बयान पर सफाई भी दी.

मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने विकास कर राज्य को बीमारू राज्यों की श्रेणी से निकाला है.

हालांकि चौहान इन दिनों व्यापमं घोटाले को लेकर आलोचनाएं झेल रहे हैं, जिस पर मोदी की चुप्पी को लेकर अकसर सवाल उठते हैं.

मोदी ने गया को एक पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करने की बात कही.

माना जाता है कि गया में ही गौतम बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई.

प्रधानमंत्री ने बिहार में इंजीनियरिंग की पर्याप्त सीटें न होने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि बिहार में इंजीनियरिंग की सिर्फ 25 हजार सीटें हैं जबकि कई छोटे छोटे राज्यों में भी इन सीटों की संख्या लाखों हैं.

उन्होंने कहा कि हर राज्य में बिहार के युवा आईपीएस और आईएएस बने बैठे हैं और वहां के विकास में योगदान दे रहे हैं, लेकिन ख़ुद बिहार आगे नहीं बढ़ रहा है.

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी के मुखिया लालू प्रसाद यादव की जमकर आलोचना की.

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने नीतीश सरकार की खामियां तो गिनाई ही उनके वादों की हकीकत पर भी सवाल उठाए. ये हैं पीएम मोदी के भाषण की 10 खास बातें-

1. JDU का मतलब- जनता का दमन और उत्पीड़न.
2. जंगलराज पार्ट-2 आया तो सब बर्बाद हो जाएगा.
3. बिहार के नौजवानों के साथ अन्याय हुआ.
4. 5 साल में बिहार को बीमारू राज्य से बाहर निकाल देंगे.
5. बिहार में निजी स्वार्थ के लिए हुआ राजनीतिक गठबंधन.
6. दिल्ली से विकास की गंगा बह रही है.
7. बिहार का भाग्य बदलने के लिए दिल्ली तैयार.
8. सत्ता में बैठे लोगों ने बिहार के सपने चूर-चूर किए.
9. जंगलराज से मुक्ति का पर्व बनेगा ये चुनाव.
10. नया बिहार बनाने का फैसला लोगों ने कर लिया है.

 

नीतीश का पीएम पर वार, कहा- ट्विटर पर काम करती है केंद्र सरकार!

उधर गया में पीएम की रैली से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है. नीतीश कुमार ने आरोप लगाया है कि केंद्र की सरकार को सही मायने में यूनियन ट्विटर गवर्नमेंट कहा जा सकता है.nitish tweet on modi for gaya relly

मजे की बात है कि ये आरोप लगाने के लिए नीतीश ने भी खुद ट्वीट किया है. नीतीश ने लिखा है कि आखिरकार हमें ऐसी सरकार मिल गई है, जिसे सही में यूनियन ट्विटर गवर्नमेंट कहा जा सकता है. नीतीश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ट्विटर पर ही सुनती है और ट्विटर पर ही काम करती है.

वहीं बिहार में नए राज्यपाल रामनाथ कोविंद की नियुक्ति को लेकर भी केंद्र सरकार पर नीतीश हमलावर हैं. दिल्ली से पटना पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें नियुक्ति की जानकारी देने की औपचारिकता भी पूरी नहीं की गई.

इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नए राज्यपाल की जाति को प्रचारित किया जा रहा है इससे विरोधी की मंशा साफ झलकती है कि नियुक्ति के जरिए वो किस तरह की सियासत कर रहे हैं.

laloo tweet on modi for gaya rellyउधर लालू प्रसाद यादव ने भी tweet किया कि जो जंगलराज-2 का डर दिखाते हैं, वो खुद मंडलराज-2 से घबराए हुए हैं. लालू ने tweet कि यह चुनाव मंडलराज 2 Vs कमंडलराज होगा.

 

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