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दिल्ली में सत्ता में आने पर पूर्ण राज्य का दर्जा: कांग्रेस

Sheila-Dikshitदिल्ली में चौथी बार सत्ता में आने पर कांग्रेस ने पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को दोहराते हुए कॉलेज सीटों में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी, पांच मेडिकल कॉलेजों वाला स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय स्थापित करने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने, पुलिस बल में महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, घरेलू कामगारों, कबाड़ चुनने वालों और रेल कुलियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाने के लोक लुभावने वादे किए हैं।

दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए चार दिसम्बर को होने वाले चुनाव के लिए बुधवार को घोषणा पत्र जारी करते हुए कांग्रेस ने दिल्ली के भौगोलिक क्षेत्र के 25 प्रतिशत तक हरित क्षेत्र का और विस्तार करने, सेवा क्षेत्र को उद्योग का दर्जा, घरेलू उपभोक्‍ता को प्रति माह पानी की खपत छूट 30 से बढ़ाकर 40 किलोलीटर करने, 150 नये सरकारी स्कूल खोलने का आश्वासन दिया है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में घोषणापत्र जारी करने के मौके पर कांग्रेस महासचिव और दिल्ली प्रभारी शकील अहमद, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल, केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिव्बल, कृष्णा तीरथ और प्रदेश सहप्रभारी कुलदीप नागरा समेत बड़ी संख्या में अन्य नेता मौजूद थे।

दीक्षित ने कहा कि सत्ता में वापसी पर कांग्रेस दिल्ली में बहुनिकाय व्यवस्था खत्म कराने के लिए इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए जोर देगी, जिससे राजधानी के और तेजी से विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक अलग से साझा आर्थिक जोन भी बनाये जाने की जरूरत है।

घोषणापत्र में दिल्ली को देश की ज्ञान राजधानी बनाने पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि सांध्यकालीन कालेजों की संख्या में 30 प्रतिशत सीटों की वृद्धि के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय से सिफारिश की जायेगी। उच्च शिक्षा के लिए देश भर में पढ़ रहे राजधानी के छात्रों को बैंकों के शैक्षिक ऋण पर ब्याज में छूट तथा अन्य आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए एक उच्चतर शिक्षा न्यास की स्थापना की जायेगी।

रोजगार सुनिश्चित करने के लिए हर वर्ष करीब 20 हजार लोगों केप्रशिक्षण देने के वास्ते सिंगापुर के सहयोग से अनुकूल सुविधाजनक वातावरण में विश्व स्तरीय कौशल केंद्र का गठन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में बहुनिकाय व्यवस्था की वजह से आ रही दिक्‍कतों को देखते हुए अन्य राज्य सरकारों द्वारा प्रयोग में लाये जा रहे सभी अधिकार दिल्ली सरकार को भी देने की मांग की जायेगी। भागीदारी पहल का विस्तार कर उसे मजबूत बनाया जायेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने के बाद परिवार के आधार पर अंत्योदय और प्राथमिकता सूची के परिवारों को सस्ती दालें और खाद्य तेल मुहैया कराये जायेंगे। पीडीएस की सभी ढाई हजार दुकानों में आधुनिक बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण प्रणाली लागू की जायेगी। स्मार्ट कार्ड के जरिये परिचालन के लिए मदर डेयरी के ढांचे पर राशन की दुकानों में बिक्री मशीन लगाई जायेगी।

लाडली योजना का लाभ कालेज जाने वाली छात्रों को देने जिसके तहत पेशेवर स्नातक स्तरीय कालेजों और विशेष प्रशिक्ष में पंजीकरण एवं प्रशिक्षण पूरा करने के लिए 50 हजार रुपए की अतिरिक्‍त आर्थिक सहायता दी जायेगी। कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल के लिए पालनाघरों की स्थापना, बच्चों के खिलाफ अपराधों के निपटारे के लिए विशेष बाल अनुकूल न्यायालय योजना, कामकाजी महिलाओं के लिए अधिक से अधिक आवासों, हर विधानसभा क्षेत्र में औसतन 20 महिला शौचालय बनाने का वादा किया गया है।

कांग्रेस ने कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने का भरोसा देते हुए महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए पुलिस बल को विशेष प्रशिक्षण, सरकारी कर्मचारियों के अलावा ऑटो रिक्‍शाचालकों जैसे उन लोगों को भी महिलाओं की सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिनका आम जनता से आये दिन वास्ता पड़ता है। पुलिस व्यवस्था में सुधार पर जोर के साथ ही महिला बल की संख्या बढ़ाई जायेगी।

सत्ता में आने पर कांग्रेस ने वरिष्ठ नागरिकों की आंखों की जांच, चश्मा, धूमने के लिए छड़ी वाकर और बैसाखियों आदि जैसे सहायक उपकरणों की खरीद पर छूट देने का वादा किया है। दस से अधिक वृद्धा आश्रमों, दृष्टिहीन कालेज छात्राओं के लिए तिमारपुर में और छात्रों के वासते किंग्सवे कैंप में विशेष छात्रावासों का निर्माण, मानसिक स्तर पर कमजोर व्यक्तियों के लिए नरेला में 1000 लोगों के रहने के लिए भवन बनाया जायेगा। विकलांग छात्रों की छात्रवृत्ति में वृद्धि तथा दुखी और असहाय व्यक्तियों की समस्याओं को सुलझाने के लिए नीति बनाई जायेगी।

घोषणापत्र में अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को स्कूलों में प्रवेश और पढ़ाई जारी रखने को प्रोत्साहित करने के लिए 1800 रुपए सालाना छात्रवृत्ति दी जायेगी। पेशेवर, तकनीकी, वोकेशनल, कौशल विकास पाठय़क्रमों के लिए पर्याप्त छात्रवृत्ति, स्वरोजगार योजनाओं के लिए आसान किस्तों पर ऋण और द्वारका में हज भवन खोलने का वादा भी किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार पर जोर देते हुए घोषणापत्र में सभी निजी स्कूलों को दूसरी पाली चलाने के विकल्प की अनुमति दी जायेगी। उसी के अनुसार पहले तीन वर्ष में कम से कम 25 प्रतिशत अधिक सीट उपलव्ध होंगी। डेढ सौ नये सरकारी स्कूल खोलने के साथ साथ निकट भविष्य में शिक्षकों के 10 हजार नये पदों का सृजन किया जायेगा। हर स्कूल में योग शिक्षा, खेल सुविधाओं का विस्तार किया जायेगा। खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी का वादा भी किया गया है।

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