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‘उर्दू टोपी से ही क्यों होती है दिक्कत?’ केजरीवाल ने किया सवाल

arvind kejriwal 002नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की यूपी के बरेली में मुस्लिम नेता मौलाना तौकीर रजा से मुलाकात पर सवाल खड़े हो गए हैं।

टेलीविज़न चैनल एबीपी न्यूज के कार्यक्रम घोषणा पत्र में जब अरविंद से सवाल पूछा गया कि दंगों के केस से जुड़े तौकीर रजा से वे क्यों समर्थन मांग रहे हैं तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।

केजरीवाल का कहना था कि उन्हें तौकीर रजा के उस अतीत के बारे में जानकारी नहीं है जो यहां बताई जा रही है। हाालंकि, उन्होंने साफ किया कि वह मामले को समझकर इसपर अपना अंतिम फैसला लेंगे।

ग़ौर करने वाली बात यह है कि वरिष्ठ पत्रकार दिबांग ने जब उनसे पूछा कि वे जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष मौलाना जलालुद्दीन उमरी से क्यों मिलने गए तो वह उस सवाल को भी चालाकी के साथ टाल गए।

कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल से सीधा सवाल किया गया कि क्या वे वीएचपी जैसे हिंदू संगठनों के पास भी वोट मांगने जाएंगे और तो उन्होंने इसका भी सीधा जवाब नहीं दिया।

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मराठी टोपी, बांग्ला टोपी या तमिल टोपी से किसी को दिक्कत नहीं होती, लेकिन उर्दू टोपी पहनते ही हंगामा खड़ा हो जाता है। उन्होंने सवाल किया कि कि समस्या उर्दू टोपी में है या कुछ लोगों के दिलो-दिमाग में? उन्होंने इस पर एक कहानी सुनाई और देश के सांप्रदायिक माहौल का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि वे महाराष्ट्र गए… उन्हें मराठी में ‘मैं आम आदमी हूं’ लिखी टोपी पहनाई गई.. वे दो दिन तक घूमते रहे लेकिन किसी ने कोई सवाल नहीं पूछा… इसी तरह कोलकाता में उन्हें बंगाली में ‘मैं आम आदमी हूं’ लिखी टोपी पहनाई गई… शहर में घूमते रहे किसी ने सवाल खड़ा नहीं किया… दिल्ली में एक शख्स ने उन्हें तमिल में ‘मैं आम आदमी हूं’ लिखी टोपी पहनाई… किसी ने सवाल खड़े नहीं किए… लेकिन जब उर्दू में ‘मैं आम आदमी हूं’ लिखी टोपी पहनाई गई.. तो.. सवाल खड़े किए जाने लगे… उनका कहना था यह तस्वीर बदलनी चाहिए।

कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि महंगाई की सबसे बड़ी वजह है करप्शन। जब करप्शन पर रोक लगेगी तो महंगाई अपने आप कम हो जाएगी। एक अन्य सवाल पर उन्होंने माना कि उनकी पार्टी कई मसलों पर अभी अपना रुख साफ नहीं कर पाई है। उनका कहना था कि उनकी पार्टी अभी बहुत नई है और यह धीरे-धीरे सभी अहम मसलों पर अपना रुख साफ करती जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान कई बार उनसे सीधा सवाल किया गया कि क्या उन्होंने अन्ना को धोखा दिया तो… उन्होंने पूरे जोर से इसका खंडन किया।

हालांकि, उन्होंने यह माना कि अन्ना और वे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उनका तरीका और अन्ना की राह अलग है। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने अन्ना को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन अन्ना कहते रहे कि सियासत गंदी है.. इसलिए वह उनके साथ नहीं आ सके… .. यानी अन्ना की बताई गंदी जगह से केजरीवाल देश को नई दिशा दे रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में केजरीवाल ने लोगों से काफी भावुक अपील की और कहा, “हम तन मन धन लगाकर चुनाव लड़ रहे हैं… हममें सौ कमियां… लेकिन हमारी नीयत साफ है… हम भारत को सुधारने के लिए आगे आए हैं।”

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